बड़ी खबर 👉 स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद नैनीताल जिले में चल रही पैथोलॉजी लैबो मैं जांच हेतु एक्शन मोड़ में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ श्वेता भंडारी कहा की जाएगी पैथोलॉजी लैबो की जांच👉 अनियमितताएं पाए जाने पर की जाएगी सख्त कार्यवाही

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सीएमओ नैनीताल डॉ श्वेता भडारी

अजय अनेजा 👉 एडिटर इन चीफ 👉 लालकुआं 👉उत्तराखंड में बेलगाम चल रहे पैथोलॉजी सेंटर्स पर लगाम लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. जिसके तहत, प्रदेश में अवैध रूप से संचालित हो रहे पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं.धन सिंह रावत ने कहा प्रदेश भर ने संचालित पैथोलॉजी सेंटरो के सत्यापन को अभियान चलाया जाए. मुख्य रूप से मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं. पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया पैथोलॉजी लैब में जांच के नाम पर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिये प्रदेशभर में संचालित सभी निजी पैथोलॉजी लैब्स का सत्यापन किया जायेगा.लंबे समय से प्रदेश में अवैध पैथोलॉजी लैब संचालन की शिकायतें मिल रही हैं. शिकायतकर्ताओं ने जिन बिंदुओं को सामने रखा है वो मरीजों के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए विभागीय अधिकारियों को प्रदेशभर में सत्यापन अभियान चलाने को निर्देश दिए हैं.स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में बड़ी संख्या में अवैध रूप से पैथोलॉजी लैब या सेंटरों के संचालन की शिकायतें मिल रही हैं. जिनमें मानकों के अनुसार टेक्नीकल स्टॉफ और डॉक्टर उपलब्ध नहीं है.इतना ही नहीं ये निजी पैथोलॉजी लैब क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत भी रजिस्टर्ड नहीं हैं. ऐसे में अवैध पैथोलॉजी केन्द्रों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. जिससे मरीजों के ब्लड जांच की प्रमाणिकता और गुणवत्ता को बनाये रखा जा सके.स्वास्थ्य मंत्री ने बताया राज्य में पैथोलॉजी लैब के संचालन के लिये क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होना जरूरी है. इसके साथ ही मेडिकल प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के दस्तावेज भी होने जरूरी है।पैथोलॉजी लैब में काम करने वाले डॉक्टरों का उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल और टेक्नीशियनों का रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड पैरामेडिकल काउंसिल में होना अनिवार्य है. धन सिंह रावत ने कहा पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.

वही नैनीताल मुख्य चिकित्साअधिकारी डॉ श्वेता भंडारी ने बताया की सरकार के आदेशों का पालन किया जाएगा एवं जल्द ही वैध पैथोलॉजी लैबो की लिश्ट तैयार की जा रही है जल्द ही पूरे नैनीताल जिले में अभियान चलाया जाएगा और जिस पैथोलॉजी लैब में अनियमितताएं पाई जाएगी उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी इसी के साथ अगर अवैध रूप से कोई पैथोलॉजी लैब चलती हुई पाई जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी चाहे वह कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों ना हो उसे किसी भी सूरते हाल मैं बक्शा नहीं जाएगा एवं सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी

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