उत्तराखंड के इस राज्य में अब तीन पहिया विक्रम नहीं बल्कि चार पहिया वाहन दौड़ेगा

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देहरादून: स्मार्ट सिटी की परिकल्पना के तहत यह स्पष्ट हो गया है कि वर्ष 2024 में दून में डीजल पर चालित कोई भी विक्रम या आटो नहीं चलेगा। संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने एक नवंबर को हुई बैठक में जो निर्णय लिए थे, उन्हें सार्वजनिक कर दिया गया है।

बड़ा निर्णय यह है कि दस वर्ष से पुराने डीजल चालित आटो व विक्रम 31 मार्च-2023 के बाद नहीं चल सकेंगे। दस वर्ष से कम उम्र के डीजल चालित आटो एवं विक्रम का 31 दिसंबर-2023 के बाद संचालन नहीं होगा। इनके बदले दून शहर में बीएस-6 श्रेणी के पेट्रोल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन चलेंगे, जो चौपहिया होंगे।

अभी विक्रम नियम को तोड़कर जिन मार्गों पर दौड़ रहे, वह समस्त मार्ग भी भंग कर दिए गए हैं। उनके बदले 18 नए मार्ग बनाए गए हैं। इन 18 मार्ग पर स्टेज कैरिज परमिट यात्री वाहन चलेंगे।

शनिवार को प्राधिकरण के निर्णय के बारे में प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए आरटीए सचिव व आरटीओ प्रशासन सुनील शर्मा ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के क्रम में दून शहर व ऋषिकेश से डीजल चालित आटो व विक्रमों को पहले चरण में बाहर किया जा रहा है।

अभी दून शहर में 797 विक्रम संचालित हो रहे और ये सभी डीजल से चलते हैं। इसके अलावा करीब 2000 आटो भी डीजल से चल रहे हैं। इनमें दस वर्ष अधिक पुराने विक्रम व आटो का संचालन एक अप्रैल-2023 से नहीं होगा।

दस वर्ष से कम डीजल आटो-विक्रमों का एक जनवरी-2024 के बाद संचालन नहीं होगा। दून शहर के बाद ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की व विकासनगर में भी डीजल विक्रम बाहर किए जाएंगे। प्रेस वार्ता में आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी, एआरटीओ प्रशासन नवीन कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन मिथिलेश ओझा आदि मौजूद रहे।

परमिट में पहले आओ-पहले पाओ की नीति लागू

डीजल विक्रम बाहर करने के बाद शहर में संचालित होने वाले चौपहिया सीएनजी, बीएस-6 पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों का परमिट पहले आओ-पहले पाओ की नीति के तहत दिया जाएगा। विक्रम संचालक के लिए इसमें यह राहत दी गई है कि यदि वह 31 जनवरी-2023 तक नए परमिट के लिए आवेदन कर देते हैं तो उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें शर्त यह रहेगी कि उन्हें 60 दिन के भीतर यानी 31 मार्च-2023 तक नया चौपहिया सीएनजी, बीएस-6 पेट्रोल या इलेक्ट्रिक वाहन लाना होगा।

अगर 31 जनवरी-2023 तक विक्रम संचालकों का आवेदन नहीं आया तो खुली नीति के तहत सामान्य आवेदकों को पहले आओ-पहले पाओ के अंतर्गत परमिट दिए जाएंगे। शहर में संचालन के लिए जो 18 मार्ग तय किए गए हैं, उनका निदान लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। परमिट के लिए आवेदक को उत्तराखंड का निवासी होना जरूरी है और उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होना चाहिए।

सभी को करना होगा आवेदन

31 जनवरी-2023 तक सभी विक्रम संचालकों को परमिट के लिए आवेदन करना होगा, चाहे उनका विक्रम दस वर्ष से अधिक पुराना हो या दस वर्ष से कम आयु का हो। यदि दस वर्ष से कम उम्र सीमा के किसी विक्रम के संचालक ने निर्धारित तिथि तक परमिट के लिए आवेदन नहीं किया तो भले ही उसका विक्रम 31 दिसंबर-2023 तक संचालित हो सकेगा, लेकिन उसे स्टेज कैरिज का परमिट नहीं मिलेगा। उस स्थिति में संचालक को नया सीएनजी विक्रम लाना होगा, लेकिन वह कांट्रेक्ट कैरिज परमिट के तहत शहर के बाहर संचालित होगा। वहीं, डीजल आटो का परमिट सीएनजी, बीएस-6 पेट्रोल या इलेक्ट्रिक आटो में बदला जा सकेगा।

सिटी बसों के भी नए मार्ग

प्राधिकरण ने सिटी बसों के भी नए मार्ग बनाने का निर्णय लिया है। यह मार्ग लंबे होंगे, ताकि एक बस काफी क्षेत्र तक पहुंच सके। आरटीओ ने बताया कि झाझरा वाया प्रेमनगर-बल्लूपुर-घंटाघर होकर रायपुर से शेरगढ़ तक सिटी बस चलाई जाएगी। इसी तरह आइएसबीटी से मसूरी डायवर्जन तक भी सिटी बस चलेगी। ऐसे अन्य मार्गों का भी सर्वे चल रहा है।

ई-रिक्शा चालकों का होगा सत्यापन

शहरों में ई-रिक्शा के कारण बिगड़ रही यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत प्राधिकरण ने ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया। दरअसल, नीति के अनुसार ई-रिक्शा का चालन वही व्यक्ति कर सकता है, जिसके नाम पर परमिट हो, लेकिन कोई इसका पालन नहीं कर रहा। अकेले दून में ही हजारों अवैध ई-रिक्शा का संचालन हो रहा। वहीं, पुराने स्कूटर या बाइक के जरिये जुगाड़ रिक्शा बनाकर संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे रिक्शा का सामान बेचने वालों को नोटिस दिए जा रहे व इन पर मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।

दून शहर में इन 18 मार्गों पर होगा बीएस-6 पेट्रोल, इलेक्ट्रिक व सीएनजी चौपहिया यात्री वाहनों का संचालन

  1.  निरंजनपुर सब्जी मंडी-लालपुल-महंत इंदिरेश अस्पताल-कारगी चौक-सरस्वती विहार-अजबपुरकलां-धर्मपुर-पुलिस लाइन-रेलवे स्टेशन मार्ग।
  2.  आइएसबीटी-मोथरोवाला-दूधली मार्ग।
  3. परेड ग्राउंड-लाडपुर-जोगीवाला-रिस्पना से आइएसबीटी।
  4.  जोगीवाला-बद्रीपुर-नवादा-डिफेंस कालोनी-रिस्पना-आराघर-सीएमआई अस्पताल-प्रिंस चौक-तहसील चौक-दर्शनलाल चौक-परेड ग्राउंड।
  5.  एस्लेहाल-दिलाराम चौक-हाथीबड़कला-विजय कालोनी-सर्किट हाउस-बीजापुर गेस्ट हाउस-मिलिट्री अस्पताल-डाकरा-गढ़ीकैंट-टपकेश्वर।
  6.  ग्रेट वैल्यू होटल-दिलाराम बाजार होते हुए मयूर आटो-सालावाला-हाथीबड़कला-सर्किट हाउस-सप्लाई डिपो-अनारवाला-जोहड़ी गांव-भगवंतपुर मोड-मसूरी मोड-मालसी-मसूरी डायवर्जन।
  7.  परेड ग्राउंड-रायपुर-मालदेवता मार्ग।
  8.  परेड ग्राउंड-सर्वे चौक-ईसी रोड-नैनी बेकरी-यूकेलिप्टिस मोड-दिलाराम-ग्रेट वैल्यू तिराहा-साकेत विहार-कंडोली-बाला सुंदरी मंदिर कैनाल रोड-धोरण मोड-राजपुर रोड एन्क्लेव-आइटी पार्क-राजेश्वर नगर-गुजराड़ा-तिब्बती कालोनी-मसूरी बाईपास-परिवहन आयुक्त कार्यालय-कुल्हान मार्ग।
  9.  परेड ग्राउंड-दून अस्पताल-एमकेपी कालेज-सीएमआई अस्पताल-आराघर-धर्मपुर-माता मंदिर-सरस्वती विहार चौक-बाईपास-बंगाली कोठी-सचिवालय न्यू कालोनी-दून विश्वविद्यालय-मोथरोवाला चौक मार्ग।
  10.  कुठालगेट-एस्लेहाल मार्ग वाया मालसी डियर पार्क।
  11.  घंटाघर-सीमाद्वार-मेहूंवाला-तेलपुर चौक मार्ग।
  12.  प्रेमनगर-ठाकुरपुर मोड-महेंद्र चौक-उम्मेदपुर-परवल-शिमला बाईपास।
  13.  प्रेमनगर-चंद्रबनी चौक वाया पंडितवाड़ी-बल्लीवाला चौक-सब्जी मंडी-आइटीआई-शिमला बाईपास चौक-आइएसबीटी।
  14.  प्रेमनगर-रेलवे स्टेशन वाया बल्लीवाला चौक-सहारनपुर चौक।
  15.  प्रेमनगर-घंटाघर वाया बल्लूपुर चौक-किशननगर चौक-कनाट प्लेस।
  16.  परेड ग्राउंड-प्रिंस चौक-सहारनपुर मार्ग-आइएसबीटी-क्लेमेनटाउन।
  17.  आइएसबीटी-पेलियो-नयागांव।
  18.  बाजावाला-मसंदावाला-कौलागढ़-ओएनजीसी-राजेंद्रनगर-किशननगर-बिंदाल पुल-कनाट प्लेस-घंटाघर-परेड ग्राउंड।

स्त्रोत इंटरनेट मीडिया

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