लालकुआं भाजपा क्षेत्रीय विधायक ने संभाली कमान कार्यकर्ताओं के साथ डोर टू डोर जनसंपर्क प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित के पक्ष में मांगे वोट

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(मीडिया प्रभारी सानू)

लालकुआ नगर पंचायत चुनाव के लिए भाजपा ने तेज किया चुनाव प्रचार, क्षेत्रीय विधायक पूर्व विधायक पूर्व अध्यक्ष रहे मौजूद

लालकुआं : भारतीय जनता पार्टी ने लाल कुआं नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित के लिए चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। रविवार को लालकुआं विधानसभा के विधायक डॉ मोहन बिष्ट पूर्व विधायक नवीन दुमका नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन पवन चौहान पूर्व अध्यक्ष लालचंद सिंह के अलावा भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और लोगों ने जनसंपर्क अभियान चलाया जहां नगर के वार्ड नंबर एक और दो के साथ-साथ वार्ड नंबर 5 में अपना चुनाव प्रचार अभियान चलाया नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित सहित पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है।

नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा के प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित के चुनाव प्रचार के लिए लालकुआं इस दौरान विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट ने लोगों से भाजपा प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित के लिए समर्थन और सहयोग की अपील की। वही चेयरमैन प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित ने जनसंपर्क करते हुए क्षेत्र की जनता से अधिक से अधिक वोट करके नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी को अपना वोट देकर आशीर्वाद देने की अपील की. जनसंपर्क में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हेमंत नरूला, पूर्व चेयरमेन पवन सिंह चौहान,लालचंद सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, संजीव शर्मा, जीवन प्रकाश, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, राजकुमार सेतिया, सचिन अग्रवाल, महामंत्री अरुण प्रकाश, अरुण जोशी, रोहन चौधरी, अनूप शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रेमांशु श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, संजय अरोड़ा, महिला मोर्चा अध्यक्ष तारा पांडे, महिला मोर्चा की महामंत्री मीनू जीना, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता चौहान, वार्ड नंबर 7 की निवर्तमान सभासद राजलक्ष्मी पंडित , आलीमा अंसारी, सुमित्रा देवी आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा के प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित के चुनाव प्रचार के लिए लालकुआं इस दौरान विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट ने लोगों से भाजपा प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित के लिए समर्थन और सहयोग की अपील की। वही चेयरमैन प्रत्याशी प्रेमनाथ पंडित ने जनसंपर्क करते हुए क्षेत्र की जनता से अधिक से अधिक वोट करके नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी को अपना वोट देकर आशीर्वाद देने की अपील की.
जनसंपर्क में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हेमंत नरूला, पूर्व चेयरमेन पवन सिंह चौहान,लालचंद सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, संजीव शर्मा, जीवन प्रकाश, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, राजकुमार सेतिया, सचिन अग्रवाल, महामंत्री अरुण प्रकाश, अरुण जोशी, रोहन चौधरी, अनूप शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रेमांशु श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, संजय अरोड़ा, महिला मोर्चा अध्यक्ष तारा पांडे, महिला मोर्चा की महामंत्री मीनू जीना, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता चौहान, वार्ड नंबर 7 की निवर्तमान सभासद राजलक्ष्मी पंडित , आलीमा अंसारी, सुमित्रा देवी आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री के विरोध में बैंक कर्मी 36 घंटे की भूख हड़ताल परप्रेस विज्ञप्तिIDBI BANK के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में हल्द्वानी में जोरदार प्रदर्शन2 एवं 3 नवंबर को देशव्यापी दो दिवसीय भूख हड़ताल – सार्वजनिक बैंकिंग, कर्मचारियों के अधिकार एवं संसदीय आश्वासनों की रक्षा का संकल्पस्थान: बुद्धा पार्क, हल्द्वानीदिनांक: 2 नवंबर 2026आज बुद्धा पार्क, हल्द्वानी में United Forum of IDBI Officers & Employees के आह्वान पर IDBI Bank के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर केंद्र सरकार एवं LIC से IDBI Bank की प्रस्तावित बिक्री तत्काल रोकने तथा बैंक के सार्वजनिक क्षेत्र के चरित्र को बनाए रखने की मांग की गई।आंदोलन को मिला व्यापक समर्थनइस आंदोलन को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्री दीपक बलूटिया ने अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया और कर्मचारियों की जायज मांगों का पुरजोर समर्थन किया।इसके साथ ही अन्य प्रमुख बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों—श्री गौरव जोशी (अध्यक्ष, AIBOC), श्री रोहित वर्मा (अध्यक्ष, UFBU) तथा श्री ओम प्रकाश (UFBU) ने भी धरना स्थल पर उपस्थित होकर अपना सक्रिय समर्थन व्यक्त किया।इसी क्रम में AIIDBIOA के महासचिव श्री पीयूष कुमार मौर्य तथा कारिणी सदस्य (GC Member) श्री गगन यादव ने अपने प्रभावशाली संबोधन से प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का उत्साहवर्धन और प्रोत्साहन किया।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि IDBI Bank केवल एक व्यावसायिक बैंक नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की ऐतिहासिक संस्था है। छह दशकों से अधिक समय में इस बैंक ने देश के औद्योगिक विकास, वित्तीय समावेशन और आर्थिक आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।संसद के आश्वासन की अनदेखी क्यों?वर्ष 2003 में तत्कालीन वित्त मंत्री श्री जसवंत सिंह द्वारा संसद के दोनों सदनों में IDBI में कम-से-कम 51% सरकारी हिस्सेदारी बनाए रखने का आश्वासन दिया गया था। संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की 46वीं रिपोर्ट में भी सरकारी हिस्सेदारी 51% से कम नहीं रखने की सिफारिश की गई थी।आज कर्मचारियों का सवाल है कि संसद में दिए गए इस आश्वासन का क्या हुआ? क्या किसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक वित्तीय संस्थान के भविष्य से जुड़ी इतनी बड़ी प्रतिबद्धता को बिना पर्याप्त संसदीय जवाबदेही के बदला जा सकता है?जब सार्वजनिक संसाधनों से बैंक को पुनर्जीवित किया गया, तो अब निजीकरण क्यों?IDBI Bank ने वित्तीय संकट और RBI के Prompt Corrective Action (PCA) के कठिन दौर का सामना किया। सरकार, LIC और कर्मचारियों के योगदान से बैंक ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार किया और लाभप्रदता हासिल की।ऐसे में सवाल उठता है कि जब सार्वजनिक संस्थाओं और कर्मचारियों के त्याग से बैंक पुनः मजबूत हुआ है, तो अब इसका नियंत्रण निजी निवेशकों को सौंपने की आवश्यकता क्या है?निजीकरण केवल कर्मचारियों का नहीं, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय आर्थिक संप्रभुता का भी प्रश्न हैनिजीकरण के बाद भविष्य में कर्मचारियों की सेवा शर्तों, पेंशन, कल्याणकारी सुविधाओं और सरकारी आरक्षण नीतियों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। इसके अतिरिक्त बैंक की विशाल परिसंपत्तियों, ग्राहकों की जमा पूंजी और देश की बैंकिंग व्यवस्था पर निजी एवं विदेशी नियंत्रण के संभावित प्रभावों पर भी पारदर्शी जवाब आवश्यक है।संविधान के अनुच्छेद 14, 38 और 39 की भावना के अनुरूप सरकारी निर्णयों में निष्पक्षता, सामाजिक-आर्थिक न्याय और सार्वजनिक हित सुनिश्चित किया जाना चाहिए।यूनियन की पांच प्रमुख मांगें