पुलिसकर्मियों के कंधे पर अब नहीं दिखेगा एक सितारा, हेड कांस्टेबल लगा सकेंगे दो स्टार, जाने पूरा मामला

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देहरादून: Uttarakhand Police : पदोन्नति के बावजूद कंधे पर एक सितारा व लाल-नीले रंग के रिबन लगाने का पुलिस मुख्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है।

मुख्यालय की ओर से सभी जिला प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि सेवा नियमावली-2018 को संशोधित कर उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और अपर उप निरीक्षक नियमावली-2022 के तहत हेड कांस्टेबल (प्रोन्नत वेतनमान) के लिए निर्धारित वर्दी (दोनों कंधों पर एक सितारा, लाल व नीले रंग का रिबन) का प्रविधान समाप्त किया जा चुका है।

इसके बावजूद भी कुछ पुलिसकर्मी (एक सितारा, लाल-नीले रंग का रिबन, लाल बेल्ट व लाल जूता) वर्दी धारण कर रहे हैं।

हेड कांस्टेबल सहायक उपनिरीक्षक की भांति वर्दी धारण करेंगे

ऐसे प्रशिक्षित हेड कांस्टेबल जिन्होंने मौलिक पद (कांस्टेबल के पद की सेवा मिलाकर) के संदर्भ में 16 वर्ष की नियमित संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली है और जिन्हें उप निरीक्षक के पद के समकक्ष वेतनमान स्वीकृत हो चुका है, उन्हें हेड कांस्टेबल (प्रोन्नत वेतन) का पदनाम दिया जाएगा।

हेड कांस्टेबल (प्रोन्नत वेतनमान) सहायक उपनिरीक्षक की भांति (दो सितारा) वर्दी धारण करेंगे। साथ ही उनके कार्यों का निर्धारण विभागाध्यक्ष निर्धारित करेंगे।

जेसीओ रैंक से ऊपर के पूर्व सैनिकों को भी मिले गृहकर में छूट

वहीं देहरादून एक्स सर्विसमैन लीग (डीईएसएल) के 40वें स्थापना दिवस और वार्षिक सम्मेलन में जेसीओ रैंक से ऊपर के पूर्व सैनिकों को भी गृहकर में छूट दिए जाने की मांग उठी। पूर्व सैनिकों ने इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाने की बात कही है। वन रैंक वन पेंशन का लाभ सभी पूर्व सैनिकों को न मिल पाने का मुद्दा भी इस दौरान उठाया गया।

गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में रविवार को समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान बैंड की धुन पर राष्ट्रीय गीत गाया गया। इसके बाद बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।

इसके बाद संगठन के चुनाव हुए, जिसमें पूर्व की कार्यकारिणी निर्विरोध चुनी गई। इसमें अध्यक्ष कर्नल यूएस ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्नल बीएम थापा, उपाध्यक्ष सूबेदार भूपेंद्र सिंह ठाकुर, कैप्टन राजीव शर्मा शामिल हैं। समारोह में सब एरिया के अफसरों के सामने पूर्व सैनिकों ने अपनी समस्याएं रखीं।

इस दौरान सीएसडी कैंटीन में नियमित ग्रासरी उपलब्ध न होने की समस्या उठाई गई। पूर्व सैनिकों के लिए अधिकाधिक लाभकारी योजनाएं बढ़ाने की मांग भी रखी गई।

वहीं, सांस्कृतिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम भी हुए। इशानी ने कथक नृत्य किया। कंचन संगीत कला केंद्र रायपुर ने गढ़वाली गीत सुरम्याली आंखी तेरी…, पर प्रस्तुति देकर समां बांधा। पदाधिकारियों ने संगठन को सब एरिया कमांडर की तरफ से समय-समय पर मिलने वाले सहयोग पर आभार जताया।

इस दौरान वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एडम कमांडेंट ब्रिगेडियर एमएस बिष्ट, कर्नल वेटरन सुमित सूद, कमांडर एसएस मठारू, मेजर आरसी बलूनी, ब्रिगेडियर मोहन सिंह बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, ले. कर्नल सतीश चंद्र शर्मा, कर्नल शशि पोखरियाल, कर्नल राजेश भंडारी, ऑनरेरी कैप्टन आलम सिंह भंडारी, युद्धवीर सिंह बिष्ट, दरबान सिंह बिष्ट, आनंद सिंह, सूबेदार मेजर बीएस रावत, केके जोशी शामिल रहे।

स्रोत इंटरनेट मीडिया

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