(उत्तराखंड) रोजगार मेलों में तेजी लाने के निर्देश, 20000 पदों पर भर्ती के लिए चलेगा विशेष अभियान

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उत्तराखंड की महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण और दिव्यांग आरक्षण को लेकर कुहासा छंटने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागों में खाली पदों पर भर्ती और पदोन्नति के लिए विशेष सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने 15 बड़े विभागों में करीब 20 हजार खाली पदों को भरने के लिए कैलेंडर बनाने और हर 15 दिन में आयोगों को भेजे जाने वाले अधियाचनों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु को ताकीद किया कि वे हर महीने समीक्षा कर खाली पदों की भर्ती की प्रगति की जांच करेंगे।

राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विभागों की फाइलें शासन स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। इसका मुख्यमंत्री कार्यालय से भी संज्ञान लिया जाएगा। विभिन्न विभागों के खाली पदों के जो अधियाचन आयोग को भेजे जाने हैं, उनका परीक्षण कर यथाशीघ्र भेजे जाएं। अधियाचन भेजने से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं भली भांति पूरी की जाएं, ताकि भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आ सके। सीएम ने कहा कि विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में और सुधार लाना होगा।

सीएम ने सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग को नियमित रोजगार मेलों का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन मेलों में औद्योगिक संगठनों का भी सहयोग लेने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिल सके।

– 20 हजार खाली पदों के लिए सघन भर्ती अभियान चलेगा।
– करीब छह हजार पदों के अधियाचन एक सप्ताह में आयोग को लौटेंगे।
– महिला और दिव्यांग आरक्षण के तहत संशोधन के लिए आयोग ने 30 प्रस्ताव शासन को भेजे थे।
– सभी सचिव अपने विभागों के खाली पदों का विवरण भेजेंगे।
– अधियाचन और नियुक्तियों के लिए एक कैलेंडर बनाया जाएगा।
– कैलेंडर के तहत सचिव 15 दिन में और मुख्य सचिव हर महीने समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भी भर्ती कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस टाइम टेबल के हिसाब से आयोग संस्तुति भेजेंगे।- नियमावली और वित्त विभाग से संबंधित अड़चनें दूर की जाएंगी।
– विभागीय सचिव पदोन्नति के मामलों की समीक्षा करेंगे।
– प्रमोशन में कोई दिक्कत हो तो उसे अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे।बैठक में बताया गया कि वरिष्ठता और कानूनी विवाद के अलावा नियमावली में प्रावधान होने, पदोन्नति का पद न होने की वजह से विभागों में कर्मचारियों की पदोन्नतियां लटकी हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, बीवीआरसी पुरुषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव ललित मोहन रयाल व महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, शासन के अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

स्रोत इंटरनेट मीडिया

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