संदिग्धक परिस्थितियों में महिला ने कमरे के अंदर फांसी का फंदा लगाकर दी जान “जांच में जुटी पुलिस।

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लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामसभा जयपुर बीसा के गाँव गंगारामपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ किराए के मकान में रहने वाली एक महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची जहाँ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। घटना की वजह पति पत्नी का आपसी झगड़ा बताया जा रहा है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।वही ​सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फोरेंसिक टीम (FSL) को भी मौके बुलाया जिसके बाद टीम द्वारा साक्ष्य संकलन किये गये साथ ही आसपास के लोगों से भी पुछताछ की गई।इधर मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल प्रसाद का कहना है कि शव को फंदे से नीचे उतार लिया गया है। महिला द्वारा यह कदम क्यों उठाया गया, फिलहाल इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस मृतका के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है तथा उसके पति से पुछताछ कर रही हैं साथ ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक द्वारा जांच की जा रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही हैं।

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उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ पूरा कराने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ग्राउंड zero पर उतरे, कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने आज हल्द्वानी तहसील के विभिन्न मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बूथों पर चल रहे SIR कार्य का जायजा लिया, BLO से जानकारी ली और मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध अभिलेखों, प्रपत्रों तथा सत्यापन प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया, निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से सीधे बातचीत कर घर-घर सत्यापन की प्रगति, प्राप्त प्रपत्रों की संख्या, शेष कार्य तथा लोगों के सहयोग की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में न रहे। सत्यापन की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराई जाए, साथ ही जिन लोगों के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें आवश्यक जानकारी देकर समय रहते प्रक्रिया पूरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव किया जाए।निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्य की गुणवत्ता तथा रिकॉर्ड संधारण का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान लोकतंत्र की मजबूती का महत्वपूर्ण हिस्सा है और शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।